केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने नॉर्थईस्ट के लिए तीन सूत्रीय एजेंडा बनाया है

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अपनी अरुणाचल प्रदेश यात्रा के दूसरे दिन आज नामसाई में 1000 करोड़ रूपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री किरेन रीजीजू और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। बाद में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने सभी हितधारकों (Stakeholders) के साथ एक बैठक में सुरक्षा स्थिति और विकास कार्यों की समीक्षा की। गृह मंत्री ने सुरक्षा कर्मियों के साथ संवाद और दोपहर का भोजन भी किया।

 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत माता के मुकुट में एक मणि की तरह दैदीप्यमान है और यह पवित्र भूमि कई प्रकार की संस्कृतियों के मिलन की भूमि है। उन्होंने कहा कि वे हर बार देशभक्ति की उत्कृष्ट भावना लेकर यहां से जाते हैं और देशभर के युवाओं को अरुणाचल के देशभक्ति के संस्कार को सीखने और आगे बढ़ाने की ज़रूरत है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी दो बड़ी प्रोफ़ेशनल यूनिवर्सिटी को आगे बढ़ाया है। पहली, राष्ट्रीय फ़ॉरेन्सिक साइंस यूनिवर्सिटी और दूसरी, राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी। राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी रक्षा के क्षेत्र में तकनीक से लैस टेक्नोक्रेट तैयार करने की यूनिवर्सिटी है। इस यूनिवर्सिटी से हमारे सैन्य और अर्धसैनिक बलों को प्रशिक्षित मैनपावर मिलेगी। राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी यहां आने से अरुणाचल प्रदेश के युवाओं के लिए देशभर के पुलिस बलों में काम करने की अनेक संभावनाएं खुलने वाली हैं। गुजरात के बाद राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी का ये पहला परिसर अरूणाचल में खुलने वाला है।

 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज यहां 350 करोड़ रूपए की लागत से 25 योजनाओं का शुभारंभ हो रहा है और 436 करोड़ रूपए की लागत से बनीं 22 योजनाएं परिपूर्ण होकर लोकार्पित की गई हैं। इस प्रकार एक ही दिन में अरुणाचल प्रदेश में 786 करोड़ रूपए के विकास कार्य पूरे या शुरू हो रहे हैं। विकास योजनाओं से 33,466 परिवार और 800 स्वंय सहायता समूहों को लगभग 244 करोड़ रूपए का लाभ मिला है।

श्री अमित शाह ने कहा कि पिछले 8 सालों में अरूणाचल प्रदेश के पर्यटन को प्रोत्साहन देने, क़ानून-व्यवस्था को पुख़्ता करने, इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की डबल इंजिन की सरकार ने वो किया जो पिछले 50 सालों में नहीं हुआ। प्रधानमंत्री मोदी जी ने पूरे पूर्वोत्तर को देश के मध्य नक़्शे में लाकर खड़ा कर दिया है। आठ सालों में प्रधानमंत्री जी स्वयं 50 से ज़्यादा बार नॉर्थईस्ट में आए हैं और उन्होंने भारत सरकार के सभी मंत्रियों से कहा है कि हर 15 दिन में कोई ना कोई मंत्री उत्तरपूर्व के किसी ना किसी राज्य में जाए। श्री शाह ने कहा कि मंत्री बनने के बाद पिछले तीन साल में उनका उत्तरपूर्वी राज्य का ये  14वां दौरा है। उन्होने कहा कि पहले दिल्ली से पूर्वोत्तर के विकास के लिए आने वाला पैसा भ्रष्टाचार की भेट चढ़ जाता था, एक मुख्यमंत्री भूमिपूजन करता था, अगला उसकी घोषणा करता था और उससे अगला उद्घाटन करता था। लेकिन हम भूमिपूजन और उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू जी के हाथों ही कराते हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने ऐसी भ्रष्टाचार-रहित व्यवस्था बनाने का काम किया है जिससे भारत सरकार द्वारा भेजा गया सारा पैसा अरुणाचलवासियों और पूर्वोत्तर के लोगों तक पहुंचे।

 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पूरा देश और दुनिया पहले नॉर्थईस्ट को विवाद और उग्रवाद के नाम से जानते थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में नगा ग्रुपों के साथ अभी बातचीत चल रही है, बोडोलैंड की समस्या का समाधान हो गया है, त्रिपुरा के सभी हथियारबंद ग्रुपों ने हथियार डाल दिए हैं और कार्बी में भी हथियार डाले गए हैं। पूरे नॉर्थईस्ट में 2019 से लेकर 2022 तक 3 साल में 9600 उग्रवादी हथियार डालकर मुख्यधारा में आए हैं। जिस पूर्वोत्तर को एक जमाने में आतंकवाद, उग्रवाद और बम धमाकों के कारण अखबारों में सुर्खियां मिलती थी, उस नॉर्थईस्ट को आज टूरिज्म, विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, अलग-अलग बोलियों, भाषाओं, नृत्य, संगीत और खान-पान के कारण आज पूरा देश जानने लगा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने नॉर्थईस्ट के लिए तीन सूत्रीय एजेंडा बनाया है। पहला, यहां की बोलियों, भाषाओं, नृत्य, संगीत, खानपान, सांस्कृतिक विविधता और कुदरती सौंदर्य को संरक्षित, संवर्धित करना और दुनियाभर के टूरिज्म को हमारे खूबसूरत नॉर्थईस्ट और अरुणाचल में लाना। दूसरा, पूरे नॉर्थईस्ट के राज्यों के अंदर सारे विवादों को समाप्त कर शांति प्रस्थापित करना। 50 साल से असम और अरुणाचल के बीच में सीमा विवाद था और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जल्दी ही यह सीमा विवाद समाप्त होने जा रहा है। तीसरा, उत्तरपूर्व को विकसित क्षेत्र के रूप में देखना। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के आठों राज्यों में रोड और रेल कनेक्टिविटी हो गई है और अरुणाचल प्रदेश को बहुत जल्द ही अपना एयरपोर्ट भी मिलने जा रहा है। श्री शाह ने कहा कि उत्तरपूर्व में विद्रोह और टेररिज्म की घटनाओं में 89% की कमी लाने का काम मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने किया है।

 केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को पहले दिल्ली से जो अनाज भेजा जाता था वो बीच में कुछ दलाल बेचकर खा जाते थे। आज लाल कार्ड धारक हर गरीब को मोदी जी द्वारा भेजा 5 किलो चावल 2 साल से हर महीने मुफ्त मिल रहा है। उन्होने कहा कि एनएलसीपीआर (NLCPR) के माध्यम से 935 करोड रुपये की 62 बड़ी योजनाओं को पूरा कर दिया है, एनईसी (NEC) के माध्यम से 837 करोड रुपए की 91 योजनाओं को पूरा करने का काम केंद्र सरकार ने किया है। डोनर मंत्रालय की 825 करोड रुपए की अनुमोदित लागत से 85 परियोजनाएं चल रही हैं। पूरे प्रदेश में राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर सड़कों का जाल बिछाया है, बड़े-बड़े ब्रिज बनाए हैं और रेल व एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने का काम भी चल रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि श्री पेमा खांडू भारत के सबसे युवा मुख्यमंत्रियों में से एक हैं। जब उन्होंने राज्य की बागडोर संभाली तब अरुणाचल प्रदेश का बजट 12,500 करोड़ रूपये था और सिर्फ 8 साल में इस युवा मुख्यमंत्री ने इसे दोगुना से भी ज्यादा बढ़ाकर 26,000 करोड रुपये कर दिया है। 8 साल पहले अरुणाचल प्रदेश की जीडीपी 10,000 करोड़ रूपए थी और इसे 3 गुना कर 30,000 करोड़ रूपए तक पहुंचाने का काम राज्य सरकार ने किया है। गृह मंत्री ने कहा कि आज लगभग 3000 गांव को 4G नेटवर्क से जोड़ने का काम किया जा चुका है। पासीघाट रेलवे लाइन पर काम शुरू होने की कगार पर है और इसके पूरा होते ही परशुराम कुंड को भी रेलवे से जोड़ा जाएगा, साथ ही सरकार की तवांग और अलोंग जैसी कठिन जगहों को भी रेलवे के नक्शे पर लाने की योजना है। सड़क निर्माण क्षमता को बढ़ाकर 2,000 किलोमीटर प्रति साल कर अरुणाचल में सड़कों का जाल बिछाने का काम किया गया है। शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम करने में अरुणाचल प्रदेश भारत में दूसरे नंबर पर है।

गृह मंत्री ने कहा कि ई-प्रशासन के लिए भी अरुणाचल प्रदेश ने अनेक कदम उठाए गए हैं। सचिवालय को 100% ई-ऑफिस से कवर किया गया है, ई-कैबिनेट और ई-विधानसभा चल रही है तथा ई-एक्साइज कलेक्शन हो रहा है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए रिक्रूटमेंट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो रहा है और स्टार्टअप में अरुणाचल के युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए राज्य सरकार ने एक बहुत बड़ा कार्यक्रम बनाया है। 700 सीमावर्ती गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए 16 करोड़ रूपए, सीमावर्ती गांव के छोटे-छोटे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 30 करोड़ रूपए और सीमावर्ती क्षेत्र में पगडंडियां बनाने के लिए 10 करोड़ रूपए दिए गए हैं। 30,000 करोड़ रूपए के निवेश से 2880 मेगावाट की भारत की सबसे बड़ी जल विद्युत ‘दिबांग परियोजना’ को चालू करने का काम भी आगे बढ़ा रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब हमारा अरुणाचल भारत के विकास के नक्शे पर सबसे विकसित राज्यों में शुमार होगा। उन्होने कहा कि 8 साल में उत्तरपूर्व में जिस प्रकार का परिवर्तन नरेंद्र मोदी जी लेकर आए हैं, इससे पहले नॉर्थ ईस्ट के अंदर कभी भी ऐसा काम नहीं हुआ था। नॉर्थईस्ट के लोग भारत के साथ जुड़े हैं और भारत के बाकी हिस्सों के लोग भी नॉर्थईस्ट को अपना मानकर बड़े प्रेम से यहां टूरिज्म के लिए आने को  तैयार हैं और यह स्थिति मोदी जी के अथक प्रयास के कारण आई है। गृह मंत्री ने कहा कि हम सबको मिलकर यह तय करना है कि जब देश की शताब्दी मनाई जाएगी तब नॉर्थईस्ट क्षेत्र और उसमें भी हमारा अरुणाचल देश का सबसे विकसित हिस्सा हो। इसलिए लंबे समय तक हम यह डबल इंजन सरकार को चालू भी रखें और उसे काम करने का मौका भी दें।

 



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