टैक्स स्लैब घटाने पर हो रहा विचार

जीएसटी की दरों को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा हो रही है कि सरकार इसके स्लैब में बदलाव कर सकती है. बता दें सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मौजूदा की स्थिति को देखते हुए वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने की गुंजाइश फिलहाल कम है.

टैक्स स्लैब घटाने पर हो रहा विचार
आपको बता दें इस समय सरकार GST व्यवस्था के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर पांच फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी की दर से टैक्स लगाती है. ऐसी खबरें आ रही है किं इन कर स्लैब को घटाकर संभवत: तीन करने पर विचार किया जा रहा है. 
कितना लगता है टैक्स?
सरकार की ओर से किए जा रहे नए संशोधन के तहत कुछ वस्तुओं पर टैक्स को बढ़ाया जाएगा जबकि कुछ प्रोडक्ट्स और सेवाओं पर टैक्स में कटौती भी की जा सकती है. इसके अलावा, सोने और स्वर्ण आभूषणों पर तीन फीसदी की दर से टैक्स लगता है. 

रूस-यूक्रेन युद्ध का भी है असर
सूत्रों ने कहा, इस समय मुद्रास्फीति ऊंची बनी हुई है. ऐसे में जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने की गुंजाइश कम है. अर्थव्यवस्था कोविड महामारी के प्रभाव से उबर रही थी, लेकिन इस साल रूस-यूक्रेन युद्ध ने अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है. उसने कहा, ‘‘पूर्व में जीएसटी परिषद तत्कालीन मौजूदा स्थिति से अवगत थी.’’

28 फीसदी भी लगता है टैक्स
जीएसटी के तहत जरूरी सामानों पर या तो छूट है या फिर निम्न दर से कर लगाया जाता है जबकि आरामदायक और समाज के नजरिये से वस्तुओं पर ऊंची दर 28 फीसदी टैक्स लगाया जाता है. इसके साथ ही ऐसी वस्तुओं पर उपकर भी लगाया जाता है. जीएसटी लागू होने से राज्यों के संभावित राजस्व नुकसान की क्षतिपूर्ति करने के लिये उपकर लगाया जाता है.

बनाई गई समिति
जीएसटी परिषद ने कर दरों को युक्तिसंगत बनाकर राजस्व वृद्धि और कर दरों में विसंगतियों को दूर करने के बारे में सुझाव देने को लेकर पिछले साल कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था.

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