डीईए ने ‘पीपीपी टूलकिट के उपयोग पर जागरूकता सृजन और मार्गदर्शन’ पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की  


आर्थिक कार्य विभाग (डीईए), वित्त मंत्रालय द्वारा विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ), ब्रिटेन के सहयोग से ‘पीपीपी टूलकिट के उपयोग पर जागरूकता सृजन और मार्गदर्शन’ पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका मुख्‍य उद्देश्य पीपीपी परियोजनाओं से जुड़े निर्णय लेने के लिए पीपीपी टूलकिट का उपयोग करने के बारे में सरकारी अधिकारियों को अवगत कराना और प्रशिक्षित करना था। डीईए में संयुक्त सचिव श्री बलदेव पुरुषार्थ ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान श्री शांतनु मित्रा, प्रमुख (अवसंरचना एवं शहरी विकास), एफसीडीओ, सुश्री संगीता मेहता, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी (एफसीडीओ), श्री शौभिक गांगुली, वरिष्ठ अवसंरचना सलाहकार (एफसीडीओ) के विशेष संबोधन रहे। डॉ. मोलिश्री, उप सचिव, डीईए ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल अधिकतम हितधारकों या संबंधित पक्षों को इससे जोड़ने के लिए हाइब्रिड मोड पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस  कार्यशाला में 155 प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी रही (नीति आयोग सहित 16 संबंधित केंद्रीय अवसंरचना मंत्रालयों और विभागों (आवास कार्य, नागरिक उड्डयन, इस्पात, सड़क परिवहन व राजमार्ग, नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली, रेलवे, नौवहन, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और दूरसंचार, ग्रामीण विकास, व्यय, खाद्य व सार्वजनिक वितरण, जल संसाधन, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग) के 35 प्रतिभागी,   और 15 राज्यों व 2 केंद्र शासित प्रदेशों (गुजरात, केरल, राजस्थान, नगालैंड, मणिपुर, चंडीगढ़, उत्तराखंड, तमिलनाडु, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पंजाब, जम्मू व कश्मीर और पांडिचेरी) के 120 प्रतिभागी।  

इस कार्यशाला में पीपीपी स्ट्रक्चरिंग टूलकिट, वैल्यू-फॉर मनी टूलकिट, आकस्मिक देनदारियों की पहचान, मूल्यांकन व रिपोर्टिंग के लिए फ्रेमवर्क टूलकिट, पोस्ट-अवार्ड कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट (पीएसीएम) टूलकिट से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने और इनका प्रदर्शन करने को व्यापक रूप से कवर किया गया। विभिन्‍न सत्रों के दौरान अनेक उद्योग विशेषज्ञों द्वारा अपने-अपने विचार व्‍यक्‍त किए गए जिनमें सुश्री मेहली पटेल, निदेशक, क्रिसिल; श्री आर एन के प्रसाद, सलाहकार, प्राइस वाटरहाउस कूपर्स; और श्री कुशल कुमार सिंह, साझेदार, डेलॉयट टच तोहमात्सु इंडिया एलएलपी शामिल थे।

डीईए द्वारा विकसित पीपीपी स्ट्रक्चरिंग टूलकिट एक वेब-आधारित संसाधन है जिसे भारत में अवसंरचना पीपीपी के लिए निर्णय लेने में सुधार करने और भारत में लागू किए जाने वाले अवसंरचना पीपीपी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए तैयार किया गया है। www.pppinindia.gov.in पर उपलब्ध टूलकिट भारत भर में सार्वजनिक और निजी दोनों ही क्षेत्रों में कार्यरत पीपीपी प्रैक्टिशनरों द्वारा उपयोग करने के लिए हैं। ये टूलकिट इन पांच अवसंरचना क्षेत्रों को कवर करने में सक्षम हैं- राज्य राजमार्ग, जल व स्वच्छता, बंदरगाह, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, और शहरी परिवहन। अन्य टूलकिट जैसे कि पीपीपी पोस्ट-अवार्ड कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट टूलकिट, वैल्यू-फॉर मनी (वीएफएम) टूलकिट, और आकस्मिक देनदारियों की पहचान, मूल्यांकन व रिपोर्टिंग के लिए फ्रेमवर्क टूलकिट को भी पीपीपी निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहायता के लिए विकसित किया गया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Scroll to Top