सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर में सप्ताह भर तक चलने वाला योग दिवस समारोह प्रारंभ हुआ

नई दिल्ली के सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (एनआईएससीपीआर) ने स्वस्तिक टीम के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 के भाग के रूप में एक सप्ताह तक चलने वाले समारोह की शुरुआत की। इस अवसर पर 17 जून 2022 को वर्चुअल माध्यम से “योग की वैज्ञानिक समझ” विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर वरिष्ठ वैज्ञानिक और स्वस्तिक परियोजना की समन्वयक डॉ चारु लता ने शुरुआती भाषण दिया। उन्होंने योग के इतिहास और इसे वैश्विक मंच पर लाने में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निभाई गई भूमिका के बारे में विस्तार से बताया

सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक प्रो रंजना अग्रवाल ने अतिथियो और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने जोर देकर कहा कि योग हमें शरीर, मन और दुनिया के साथ मानवीय संबंधों को संतुलित करने में सक्षम बनाता है। योग में ध्यान, संयम, अनुशासन एवं दृढ़ता सभी मूल्यों पर बल दिया जाता है। जब समुदायों और समाजों द्वारा इसे बड़े पैमाने पर किया जाता है, तो योग दीर्घकालिक स्थिरता का मार्ग प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर जीनोमिक अध्ययनों ने मानव कल्याण पर ध्यान के सकारात्मक प्रभाव की पुष्टि की है। रंजना ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “मानवता के लिए योग” की भावना को ध्यान में रखते हुए सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर स्वस्थ जीवन जीने के लिए योग के लाभों के बारे में जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से एक सप्ताह तक चलने वाले समारोह की योजना बना रहा है। प्रो रंजना ने सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की स्वस्तिक पहल के बारे में भी बताया, जिसका उद्देश्य लोकप्रिय चैनलों के माध्यम से समाज को वैज्ञानिक आधार के साथ भारत के पारंपरिक ज्ञान का संचार करना है।

प्रमुख व्याख्यान प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ भारत सरकार के दूरसंचार विभाग में एनटीआईपीआरआईटी निदेशक (एनजीएस) श्री सुभाष केसरवानी द्वारा दिया गया। अपने संबोधन में श्री केसरवानी ने योग का अभ्यास कर शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त और मस्तिष्क को तनाव मुक्त रखने पर जोर दिया। उन्होंने स्वस्थ आहार तथा नियमित व्यायाम दिनचर्या पर चर्चा की ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो और बीमारियों से लड़ने के लिए इसे सशक्त बनाया जा सके। व्याख्यान के बाद एक संवादात्मक सत्र आयोजित हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने योग विशेषज्ञ श्री केसरवानी के साथ विभिन्न योग प्रथाओं के बारे में अपने विचार साझा किये और प्रश्न पूछे।

कार्यक्रम का समापन सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक सुश्री चारू वर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के कर्मचारियों एवं छात्रों ने भाग लिया और फेसबुक तथा यूट्यूब पर इसका सीधा प्रसारण किया गया।

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