स्किल इंडिया ने ओडिशा के 10 जिलों में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता मेला का आयोजन किया

रोजगार के अवसरों में सुधार और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने आज ओडिशा के 10 जिलों में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता मेला का आयोजन किया। प्रतिभागियों को 36 से ज्यादा क्षेत्रों में 500 से अधिक ट्रेडों में प्रशिक्षुता प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए गए।

5वीं-12वीं कक्षा पास प्रमाणपत्र, कौशल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, आईटीआई डिप्लोमा या स्नातक डिग्री वाले व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए मेले में 100 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। इच्छुक प्रशिक्षुओं को ट्रेड के कई विकल्प दिए गए, जिनमें स्थानीय रूप से प्रासंगिक नौकरी की भूमिकाएं जैसे वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, ब्यूटीशियन, मैकेनिक व अन्य शामिल हैं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य नियोक्ताओं को इन लक्षित जिलों से प्रशिक्षुओं को नियुक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है और मजबूत कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से उनकी क्षमता का निर्माण करते हुए सही नौकरी की भूमिकाओं की पहचान करने में उनकी सहायता करना है। इसके अलावा, उम्मीदवारों को राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र प्राप्त होगा, जो रोजगार में वृद्धि सुनिश्चित करेगा, जिससे उन्हें अपने संबंधित डोमेन में उद्यमी बनने का अवसर मिलेगा।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेलों में भाग लेने वाले संगठनों को एक समान मंच पर संभावित प्रशिक्षुओं से मिलने और उम्मीदवारों का चयन करने का अवसर मिला। इसके अलावा, कम से कम चार कर्मचारियों वाले लघु उद्योगों को भी इस कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को नियुक्त करने का अवसर मिला। एक क्रेडिट बैंक अवधारणा भी जल्द ही पेश की जाएगी, जिसमें छात्रों द्वारा जमा किए गए विभिन्न क्रेडिट का भंडार होगा, जिसका उपयोग भविष्य के शैक्षणिक मार्गों के लिए किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता मेला पर अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री अतुल कुमार तिवारी, विशेष सचिव, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय और महानिदेशक, प्रशिक्षण महानिदेशालय ने कहा कि प्रशिक्षुता मेला एक ऐसी पहल है जो योग्य व्यक्तियों को अपने कॅरियर की संभावनाओं को बढ़ाते हुए उद्योग का प्रायोगिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।

प्रशिक्षुता सबसे टिकाऊ कौशल विकास मॉडल है क्योंकि यह मात्रा और गुणवत्ता दोनों के मामले में कौशल की मांग और आपूर्ति के बीच की खाई को पाटता है। प्रशिक्षुता एक व्यक्ति को एक संगठन के बौद्धिक और भौतिक संसाधनों का उपयोग करने की अनुमति देती है ताकि शैक्षणिक अध्ययन के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि हम भविष्य में इस तरह के और प्रशिक्षुता मेलों के आयोजन की आशा करते हैं, जिससे युवा-उद्योग का जुड़ाव मजबूत होगा।

प्रशिक्षुता मेलों के अलावा, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के लिए एक विशेष पहल की गई, जिसका उद्देश्य जन स्वास्थ्य में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति के रूप में इसके महत्व और योगदान को उजागर करके, एकजुटता के साथ राष्ट्रीय समारोहों में शामिल होने के साथ-साथ अभ्यास में सार्वजनिक हित का निर्माण करना था।

आईटीआई कर्मचारी और उम्मीदवार विभिन्न गतिविधियों जैसे योग प्रदर्शन, डिजिटल व्यायाम सत्र, योग विशेषज्ञों के साथ परामर्श आदि में लगे हुए थे। उन्होंने योग प्रशिक्षक, योग चिकित्सक, योग सलाहकार और योग एरोबिक्स प्रशिक्षकों जैसे विभिन्न नौकरियों की भूमिकाओं के बारे में जागरूकता भी फैलाई, जिनकी विश्व स्तर पर और राष्ट्रीय स्तर पर मांग है।

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