इंडिया स्टैक नॉलेज एक्सचेंज कार्यक्रम का समापन हुआ इसमें 60 देशों से 6300 भागीदारों ने हिस्सा लिया


4 से 9 जुलाई, 2022 के बीच डिजिटल इंडिया साप्ताहिक उत्सव के तहत, तीन दिन तक “इंडिया स्टैक नॉलेज एक्सचेंज प्रोग्राम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का अंत ‘अर्बन स्टेक’, ‘टेक्नोलॉजी स्टेक फॉर ई-कॉमर्स’ और ‘स्पेस टेक्नोलॉजी स्टेक’ पर विषयक सत्र और 9 जुलाई, 2022 को विदाई सत्र के आयोजन के साथ हुआ।

अर्बन स्टैक

दिन के पहले सत्र का मंच संचालन राष्ट्रीय औद्योगिक पथ विकास कार्यक्रम के उपाध्यक्ष श्री अभिषेक चौधरी ने किया। सत्र के पैनल के सदस्यों में स्मार्ट सिटी मिशन के निदेशक व संयुक्त सचिव श्री कुणाल कुमार, आईयूडीएक्स के सीईओ डॉ इंदर गोपाल, ई-जीओवी फाउंडेशन के सीटीओ श्री मनीष श्रीवास्तव वक्ताओं के तौर पर शामिल थे।

श्री कुणाल कुमार ने थट्ठे स्मार्ट सिटीज़ मिशन पर प्रकाश डाला, जो जानकारी, संचार, अनुमान व प्रबंधन के चार स्तंभों पर आधारित था। इसमें क्रियान्वयन की प्रक्रिया के तीन “पी” (जन, नीति व प्रक्रियाएं और मंच) भी शामिल हैं। एनआईसीडीसी के उपाध्यक्ष श्री अभिषेक चौधरी ने कहा कि यूएलआईपी; माल के प्रभावी परिवहन, माल की कीमत व समय में कमी, तत्काल जानकारी उपलब्धता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में सुधार पर आधारित है। ई-जीओवी फॉउंडेशन के सीटीओ श्री मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि इंडिया स्टैक द्वारा 1000 शहरों में लागू किए गए ‘प्रशासन के लिए डिजिटल अवसंरचना (डिजिट)’ ने 18 करोड़ लोगों को प्रभावित किया है। इंडियन अर्बन डेटा एक्सचेंज के डॉ इंदर गोपाल ने कहा कि आईयूडीएक्स को 18 शहरों में लागू किया गया है और उन्होंने इसकी कई सफलता की कहानियां सुनाईं, इसके लिए उन्होंने बसों में ईटीए का इस्तेमाल (सूरत), सुरक्षित रास्ता व स्थान (पुणे), मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट (सूरत), कुशल ठोस कचरा एकत्रीकरण (वाराणसी), अनुकूलित ट्रैफिक लाइट (अगरतला) व बाढ़ चेतावनी (चेन्नई) का उदाहरण दिया।

ई-कॉमर्स के लिए टेक्नोलॉजी स्टैक

इस सत्र का संचालन जीएसटीएन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्नल पंकज दीक्षित ने किया और इसके पैनल में जीईएम के अतिरिक्त सीईओ श्री राजेश जैन, एनआईसी के डीडीजी श्री पीवी भट, ओएनडीसी के सीईओ श्री टी कोशी वक्ताओं के तौर पर शामिल थे। यहां पैनल के वक्ताओं ने सरकारी क्षेत्र उपार्जन के लिए बनाए गए जीईएम प्लेटफॉर्म के सामने आने वाली चुनौतियों पर विमर्श किया। जीईएम प्लेटफॉर्म फिलहाल करीब 2.5 लाख करोड़ के माल को प्रबंधित कर रहा है। पैनल ने डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए मुक्त नेटवर्क पर भी विमर्श किया, जो खरीददारों व विक्रेताओं के बीच सीधा जरिया बनाने के लिए ओपन-सोर्स डोमेन बनाने की वकालत करने वाला कार्यक्रम है, ताकि दूसरे प्लेटफॉर्म के एकाधिकार को खत्म किया जा सके। यहां इस बात की भी तारीफ की गई कि ईवे विधेयक के चलते लॉजिस्टिक्स की कार्यकुशलम में 20-30 प्रतिशत का सुधार हुआ है।

स्पीड टेक्नोलॉजी स्टैक

अंतरिक्ष विज्ञान शोध व गृह खोज को करते हुए, राष्ट्रीय विकास के लिए अंतरिक्ष तकनीकी के इस्तेमाल के इसरो के दृष्टिकोण पर आधारित यह सत्र बेहद ज्ञानवर्धक रहा। इसका संचालन एसएसी/इसरो के श्री शशिकांत शर्मा ने किया। इस सत्र के वक्ताओं में एसएसी/इसरो श्री निष्काम जैन, सुश्री विभा जैन, एसएसी/इसरो श्री पंकज बोढ़ानी, एसएसी/इसरो श्री उत्कर्ष और एनआरएससी/इसरो श्री अरुलराज मुरुग्वेल शामिल थे।

इस विषयक सत्र ने देश में विकसित की गईं अंतरिक्ष तकनीकों की जानकारी दी। सत्र में सैटेलाइट कम्यूनिकेशन, नेविेगेशन, पृथ्वी अवलोकन व जियोस्पाशियल डेटा डिसेमिनेशन की अंतरिक्ष तकनीकों को बताया गया। प्रख्यात वक्ताओं ने बताया कि कैसे देश में विकसित नाविक सिस्टम, वेदास (विजुअलाइजेशन सिस्टम ऑफ इंडिया), मॉस्डैक (इंडियन स्टोरहाउस फॉर स्पेस बेस्ड वेदर एंड ओसियन डेटा) जैसी तकनीकें अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बना रही हैं। ई-प्रशासन के लिए एसएटीसीओएम की एप्लीकेशन, जैसे- भुवन, भूनिधि व युक्तधारा के बारे में भी बताया गया।

विदाई सत्र

इंडिया स्टैक नॉलेज एक्सचेंज प्रोग्राम में विदाई सत्र में इलेक्ट्रॉनिक एवम् सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार, एनआईसी के श्री राजेश गेरा, एनईजीडी के अध्यक्ष एवम् सीईओ श्री अभिषेक सिंह शामिल हुए। कुलमिलाकर इस कार्यक्रम में 60 देशों से 6300 भागीदारों ने हिस्सा लिया व इसमें 11 विषयक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें भारत में डिजिटल बदलाव के लिए जिम्मेदार अग्रणी 51 नेतृत्वकर्ताओं ने अपनी बात रखी।

डॉ. राजेंद्र कुमार ने ट्रिलियन-डॉलर वाली डिजिटल अर्थव्यवस्था को हासिल करने व भारत को दुनिया की कौशल राजधानी बनाने का दृष्टिकोण सामने रखा।

श्री राजेश गेरा ने भविष्य के लिए साइबर सुरक्षा व बादल जैसे विषयों का रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसमें संदेश व लोक संवाद जैसे एप्लीकेशन के बारे में चर्चा की गई, जो सरकारी संचार को विस्तार देने के उपयोगी उपकरण हैं।

सभी वक्ताओं व भागीदारों को धन्यवाद देते हुए श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि आईएसकेई 2022 के पीछे यह मंशा थी कि आईटी नेतृत्वकर्ताओं को जमीन पर बड़ा परिवर्तन लाने वाली परियोजनाओ पर बोलने व इन परियोजनाओं के भविष्य और इनके सामने आने वाली चुनौतियों पर बोलने के लिए सामने लाया जाए। इसका लक्ष्य दुनिया के सामने इंडिया स्टैक सॉल्यूशन एंड गुड्स प्रोग्राम को पेश करना भी था, ताकि कोई भी देश इसे अपने उपयोग के हिसाब से अपना सके। उन्होंने कहा कि इस विषय पर एक कार्यक्रम साल के अंत में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने Indiastack.global पोर्टल के लॉन्च पर भी जोर दिया, जो डिजिटल माल व सेवाओं का कोष होगा। इसे अंग्रेजी व फ्रेंच भाषा के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्रसंघ में चलने वाली सभी भाषाओं में जल्द ही उपलब्ध करवाया जाएगा

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