एक ही दिन में 72.42 लाख (7.24 मिलियन) से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने का नया रिकॉर्ड

आयकर विभाग समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए करदाताओं और कर-व्यवस्था से जुड़े पेशेवरों के प्रति आभार व्यक्त करता है जिसकी वजह से आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की संख्या में वृद्धि हुई है और एक ही दिन में आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने का एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

आईटीआर दाखिल करने की संख्या में वृद्धि 31 जुलाई, 2022 (वेतनभोगी करदाताओं और अन्य गैर-कर लेखा परीक्षा मामलों के लिए नियत तारीख) को एक ही दिन में यानी 31 जुलाई, 2022 को 72.42 लाख से अधिक आईटीआर दाखिल किए जाने के साथ चरम पर पहुंच गई। निर्धारण वर्ष 22-23 के लिए 31 जुलाई, 2022 तक दाखिल किए गए कुल आईटीआर की संख्या लगभग 5.83 करोड़ है। ई-फाइलिंग पोर्टल ने 31 जुलाई, 2022 को अन्य मानक भी स्थापित किए, जिनमें शामिल हैं – आईटीआर फाइलिंग की उच्चतम प्रति सेकंड दर: 570 (4:29:30 बजे), आईटीआर फाइलिंग की उच्चतम प्रति मिनट दर: 9573 (शाम 7:44 बजे), और आईटीआर फाइलिंग की उच्चतम प्रति घंटा दर: 5,17,030, शाम 5 बजे से शाम 6 बजे के बीच।

ई-फाइलिंग की प्रारंभिक गति अपेक्षाकृत धीमी थी, जिसके तहत निर्धारण वर्ष 22-23 के लिए पहले 1 करोड़ आईटीआर 7 जुलाई, 2022 तक दाखिल किए गए थे। 22 जुलाई, 2022 तक लगभग 2.48 करोड़ आईटीआर दाखिल किए जाने के साथ, इस गति में मामूली वृद्धि हुई। सरकार की इस घोषणा के बाद कि देय तिथि को बढ़ाया नहीं जाएगा, आईटीआर दाखिल करने की गति में तेजी आई और 25 जुलाई, 2022 तक 3 करोड़ आईटीआर दाखिल किए गए। 31 जुलाई, 2022 को दिन की समाप्ति तक 72.42 लाख आईटीआर दाखिल किए गए, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड (2019 में अधिकतम 49 लाख आईटीआर) तोड़ दिए। अकेले जुलाई, 2022 के महीने में ही 5.13 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए गए हैं।

निर्धारण वर्ष 22-23 के लिए दाखिल किए गए 5.83 करोड़ आईटीआर में से 50% आईटीआर-1 (2.93 करोड़), 11.5% आईटीआर-2 (67 लाख), 10.9% आईटीआर-3 (63.35 लाख), 26% आईटीआर -4 (1.54 करोड़), आईटीआर-5 से 7 (5.5 लाख) हैं। 7 जुलाई, 2022 से 31 जुलाई, 2022 तक कार्यावधि (सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे) के दौरान दाखिल किए गए आईटीआर की संख्या लगभग 3.31 करोड़ है, जोकि दाखिल किए गए कुल आईटीआर का 58.77% है। इनमें से 47% से अधिक आईटीआर पोर्टल पर ऑनलाइन आईटीआर फॉर्म का उपयोग करके दाखिल किए गए हैं और शेष को ऑफलाइन सॉफ्टवेयर यूटिलिटी से बनाए गए आईटीआर का उपयोग करके अपलोड किया गया है।

बड़ी संख्या में करदाताओं ने अपने वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) और करदाता सूचना सारांश (टीआईएस) को देखकर अपनी आय के आंकड़ों की तुलना करके उचित आंकलन किया। एआईएस/टीआईएस डेटा के उपयोग की उच्च दर इस तथ्य से परिलक्षित होती है कि 5.03 करोड़ से अधिक करदाताओं ने अपने एआईएस को देखा/डाउनलोड किया।

इस साल आईटीआर-1 के लिए डेटा का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही वेतन, ब्याज और लाभांश आय से भरा हुआ था, जिससे करदाताओं के लिए अनुपालन आसान हो गया। अन्य आईटीआर 2, 3, 4 के लिए, इस डेटा के अलावा, किराये से होने वाली आय के लिए संपत्ति का विवरण, आगे की हानि, एमएटी क्रेडिट भी करदाताओं के लिए अनुपालन को और अ धिक आसान बनाने की दृष्टि से पहले से भरे हुए थे।

आईटीआर की प्रक्रिया शुरू करने और रिफंड, यदि कोई हो, को जारी करने की दृष्टि से आयकर विभाग के लिए आधार ओटीपी और अन्य तरीकों के माध्यम से ई-सत्यापन की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। यहां यह देखना उत्साहजनक है कि 3.96 करोड़ रिटर्न ई-सत्यापित किए गए हैं, जिनमें से 3.71 करोड़ से अधिक सत्यापन आधार आधारित ओटीपी (94%) के जरिए किए गए हैं। ई-सत्यापित आईटीआर में से, निर्धारण वर्ष 2022-23 के लिए 3.01 करोड़ से अधिक (75%) आईटीआर प्रोसेस किए गए हैं । कई मामलों में, करदाताओं को आईटीआर दाखिल करने और सत्यापन के कुछ ही मिनटों या घंटों के भीतर प्रोसेसिंग की सूचना मिल रही है।

इसके अलावा, दो बैंकों- कोटक महिंद्रा बैंक और फेडरल बैंक – के साथ ई-फाइलिंग पोर्टल पर कर भुगतान (टिन 2.0) करने की नई सुविधा शुरू की गई है। इन बैंकों के माध्यम से 31 जुलाई, 2022 तक कुल 518.5 करोड़ रुपये के 73,910 से अधिक चालान प्राप्त हुए हैं।

ई-फाइलिंग हेल्पडेस्क टीम ने इस वर्ष 31 जुलाई, 2022 तक 1.45 लाख से अधिक प्रश्नों के उत्तर दिए और समस्याओं को हल किया है। जुलाई, 2022 के अंतिम सप्ताह में कुल 1,05,800 कॉल के उत्तर दिए गए और अधिकतम 18,341 कॉल 26 जुलाई, 2022 को प्राप्त हुए थे। हेल्पडेस्क टीम ने विभाग के ट्विटर हैंडल पर प्राप्त शिकायतों के समाधान के लिए करदाताओं / हितधारकों तक सक्रिय रूप से पहुंचकर और उन्हें किसी भी मुद्दे पर लगभग वास्तविक समय के आधार पर सहायता प्रदान की।

आयकर विभाग समय पर अनुपालन में सहयोग देने के लिए अपना आभार दोहराता है और सभी करदाताओं से अपने आईटीआर को जल्द से जल्द ई-सत्यापित करने का अनुरोध करता है। विभाग किसी भी कारण से देय तिथि से चूक जाने वाले करदाताओं से भी तुरंत अपनी फाइलिंग को पूरा करने का आग्रह करता है।

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